
नई दिल्ली। एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने चेतावनी दी है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) लाने वाले बदलावों के लिए समाज बिल्कुल तैयार नहीं है। जीरोधा के निखिल कामथ के डब्ल्यूटीएफ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने एआई को मानव क्षमता के स्तर तक पहुंचने की तेज प्रगति पर जोर दिया।
अमोदेई ने इसे सुनामी से तुलना की। “यह सुनामी हमारी ओर आ रही है, हम इसे साफ देख सकते हैं, लेकिन लोग खुद को यह यकीन दिला रहे हैं कि यह महज भ्रम है।”
उन्होंने कहा कि एआई का हर उद्योग पर प्रभाव कार्यों की प्रकृति पर निर्भर करेगा। कोडिंग, गणित और वैज्ञानिक शोध जैसे क्षेत्रों में एआई तेजी से हावी हो रहा है। ये काम तर्कसंगत और डेटा आधारित हैं, जहां एआई की ताकत साफ दिखती है।
वहीं, भावनात्मक समझ और मानवीय प्रतिक्रिया वाली भूमिकाओं में बदलाव धीमा होगा। “ऐसे कामों में गहराई चाहिए, जो एआई के लिए चुनौतीपूर्ण हैं।”
चर्चा में डेटा की बदलती भूमिका पर भी प्रकाश डाला। अमोदेई ने बताया कि अब वास्तविक डेटा की बजाय मॉडल द्वारा निर्मित कृत्रिम डेटा महत्वपूर्ण हो रहा है। “गणित या कोडिंग के प्रशिक्षण में आप डेटा खुद बनाते हैं, यह अधिक प्रभावी साबित हो रहा है।”
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में एआई की कोडिंग भूमिका बढ़ेगी, लेकिन पूर्ण स्वचालन अपेक्षा से जल्दी आ सकता है। अमोदेई का मानना है कि उद्योगों को अपनी तैयारी के अनुसार बदलाव अपनाने होंगे।