
नई दिल्ली। उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में सख्ती बढ़ाते हुए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्नैपडील पर खराब गुणवत्ता वाले खिलौनों की बिक्री के लिए 5 लाख रुपये का भारी जुर्माना ठोंका है। यह कार्रवाई सोमवार को की गई, जो खिलौना गुणवत्ता नियंत्रण आदेश 2020 का स्पष्ट उल्लंघन दर्शाती है।
बीआईएस मानकों को नजरअंदाज कर स्नैपडील ने स्टैलियन ट्रेडिंग कंपनी और थ्रिफ्टकार्ट जैसे विक्रेताओं के माध्यम से असुरक्षित खिलौने बेचे। इन लिस्टिंग्स में निर्माता का नाम, पता और प्रमाणन नंबर जैसी अनिवार्य जानकारियां गायब थीं। प्राधिकरण ने प्लेटफॉर्म की लापरवाही को ‘अपर्याप्त’ करार दिया।
मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा के नेतृत्व में जांच से पता चला कि स्नैपडील ने इन बिक्री से 41,032 रुपये कमाए। अनुचित व्यापारिक प्रथाओं और भ्रामक विज्ञापनों के आरोप लगे, खासकर ‘तूफान सेल’ जैसी छूटों के दौरान।
स्नैपडील ने खुद को मार्केटप्लेस बताकर बचाव किया, लेकिन सीसीपीए ने इसे खारिज कर दिया। प्लेटफॉर्म उत्पादों पर पर्याप्त नियंत्रण रखता है और गुणवत्ता की गारंटी देता है, इसलिए बीआईएस उल्लंघन की जिम्मेदारी उसकी है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि ई-कॉमर्स कंपनियां सूचीबद्ध हर उत्पाद की सुरक्षा सुनिश्चित करें, वरना दोषपूर्ण सामान के लिए उत्तरदायी होंगी। भविष्य में अनुपालन की कोई ठोस गारंटी न देने पर जुर्माना पक्का हुआ।
अमेजन, फ्लिपकार्ट समेत अन्य पर भी नोटिस जारी हो चुके हैं। यह कदम ऑनलाइन खिलौना बाजार में सुरक्षा मानकों को मजबूत करेगा, अभिभावकों को सतर्क रखेगा।