
वैश्विक स्मार्टफोन बाजार ने 2025 को मामूली एकल-अंकीय वृद्धि के साथ विदाई दी, जो बेहतर आर्थिक माहौल और त्योहारों की रौनक से संभव हुई। लेकिन अब खतरा मंडरा रहा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, मेमोरी सप्लाई की किल्लत से 2026 में शिपमेंट 12.4 प्रतिशत तक लुढ़क सकती है—अब तक की सबसे बड़ी सालाना गिरावट।
2025 की आखिरी तिमाही में 3.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो चार लगातार तिमाहियों की रिकवरी का हिस्सा थी। यह 2021 के बाद की सबसे मजबूत छुट्टियों वाली तिमाही साबित हुई, जहां चीन और पूर्वी यूरोप छोड़कर ज्यादातर इलाकों में उछाल आया।
फिर भी, भविष्य काला नजर आ रहा है। मेमोरी की कमी, पार्ट्स की महंगाई और निचले स्तर की कंपनियों की कमजोरियां दबाव बनाएंगी। यह सिलसिला 2027 तक चल सकता है, जब नई क्षमता उपलब्ध होगी।
काउंटरपॉइंट के प्रमुख विश्लेषक यांग वांग कहते हैं, ‘2027 की दूसरी छमाही तक असर रहेगा। LPDDR4 मेमोरी तेजी से खत्म हो रही है, जिससे सस्ते फोन सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।’ कंपनियां लॉन्च टाल रही हैं, उत्पाद सीमित कर रही हैं, स्पेक्स बदल रही हैं और जनवरी 2026 में 10-20 प्रतिशत कीमतें बढ़ा चुकी हैं।
कारण साफ है—निर्माता आकर्षक AI-DRAM और SSD पर ध्यान दे रहे हैं। प्रीमियम सेगमेंट स्थिर रहेगा, लेकिन 200 डॉलर से सस्ते फोन 20 प्रतिशत से ज्यादा गिर सकते हैं। एप्पल-सैमसंग मजबूत चेन से टिके रहेंगे।
यह संकट बाजार को नई दिशा देगा, जहां प्रीमियम化 पर जोर बढ़ेगा।