
नई दिल्ली। न्यूजीलैंड की लेबर पार्टी द्वारा न्यूजीलैंड-भारत मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए कानूनी समर्थन की घोषणा को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दिल खोलकर सराहा है। उन्होंने इसे द्विपक्षीय संबंधों के लिए ‘गेम चेंजर’ करार दिया है।
पिछले माह पूरा हुआ यह व्यापक FTA आर्थिक और रणनीतिक दृष्टि से मील का पत्थर साबित हो रहा है। औपचारिक वार्ता 16 मार्च 2025 को शुरू हुई थी। थरूर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि लेबर का फैसला प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की सरकार के लिए वरदान है, क्योंकि गठबंधन साझेदार न्यूजीलैंड फर्स्ट इसका कड़ा विरोध कर रहा है।
लेबर पार्टी ने कहा कि भारत जैसे सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ डील टालना गैरजिम्मेदाराना होगा। डेयरी उत्पादों को बाहर रखे जाने पर चिंता है, लेकिन शिक्षा, तकनीक और वाइन जैसे क्षेत्रों में अवसर महत्वपूर्ण हैं।
सत्ताधारी नेशनल पार्टी ने लेबर के वोट के लिए एक साल की समीक्षा व्यवस्था जैसी रियायतें दीं, जो डेयरी और पर्यावरण मानकों पर सुधार की गुंजाइश खोलती है। विधेयक अब संसदीय समिति से गुजरेगा और 2026 की पहली छमाही में सुपर-मेजॉरिटी से पारित होगा।
थरूर के अनुसार, साल के अंत तक व्यापार शुरू हो सकता है। छोटी अर्थव्यवस्था होने पर भी यह FTA प्रतीकात्मक रूप से बड़ा बदलाव लाएगा। यह भारतीय निर्यात पर 100 प्रतिशत शुल्क हटाता है और 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता देता है। भारत के व्यापार विकल्पों का विस्तार हो रहा है।
