
मुंबई, 3 फरवरी। भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक व्यापार सौदे के ऐलान के बाद मंगलवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 1 प्रतिशत से ज्यादा की छलांग लगा ली। 90.29 के स्तर पर कारोबार करते हुए रुपये ने निवेशकों का दिल जीत लिया है। इस डील से बाजार में भरोसा बढ़ा है और विदेशी पूंजी भारत की ओर रुख कर रही है।
सोमवार को 91.53 पर बंद होने वाला रुपया पहले ही 48 पैसे की तेजी के साथ दो हफ्तों के उच्चतम पर पहुंच चुका था। आरबीआई की स्पॉट मार्केट में सक्रियता ने उतार-चढ़ाव को काबू में रखा।
विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती जोरदार तेजी के बाद रुपया 90.20 से 91.20 के बीच स्थिर हुआ। 92 के पार न जाने से मामूली सुधार आया, जिसे सामान्य माना जा रहा है।
बाजार जानकारों का मानना है कि गिरावट अस्थायी है। लंबी अवधि में मजबूत रुख कायम है। यदि 90.50-90.80 के नीचे फिसला, तो 90 या 89.80 तक जा सकता है।
रुपये की मजबूती से एमसीएक्स पर सोना-चांदी में तेजी सीमित रही, मगर मध्यम अवधि में इनका आकर्षण बरकरार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को बताया कि मोदी जी से बातचीत के बाद भारतीय सामानों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया गया। भारत रूस से तेल आयात घटाएगा और अमेरिका व वेनेजुएला से बढ़ाएगा।
इस सौदे ने अनिश्चितताओं को दूर किया है। विदेशी निवेशक शेयरों व बॉन्ड्स में उतर सकते हैं, जिससे रुपये पर अतिरिक्त दबाव बनेगा। आरबीआई की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
भारत-ईयू एफटीए, विकासोन्मुख बजट के साथ यह डील बाजार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। विदेशी निवेश बढ़ेगा और भुगतान संतुलन मजबूत होगा।