
नई दिल्ली। लग्जरी कार निर्माता रोल्स-रॉयस ने भारत में अपने कारोबार को तेजी से विस्तार देने का एलान किया है। कंपनी रक्षा, नागरिक उड्डयन और ऊर्जा क्षेत्रों में नए कार्यक्रमों व साझेदारियों पर काम तेज करेगी, जिससे कर्मचारियों की संख्या दोगुनी होकर करीब 10,000 तक पहुंच सकती है।
मुख्य आकर्षण अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान इंजन का सह-विकास है। 120 kN क्षमता वाले इंजन पर ब्रिटेन सरकार के साथ मिलकर काम होगा, जो भारत के स्वदेशी इंजन निर्माण को गति देगा। भारतीय सेना, नौसेना व तटरक्षक के लिए स्थानीय उत्पादन की योजना भी है।
कंपनी पूर्ण तकनीक हस्तांतरण व बौद्धिक संपदा अधिकार देगी। भारत में डिजाइन व निर्माण केंद्र बनेंगे, जिससे रोजगार बढ़ेंगे। सप्लाई चेन खरीद 10 गुना बढ़ सकती है, एमएसएमई को फायदा।
सीईओ तुफान एरगिनबिलगिक ने कहा, ‘हम भारत की आत्मनिर्भरता यात्रा में भागीदार बनना चाहते हैं। इंजन तकनीक, महत्वपूर्ण ढांचे को ऊर्जा व स्थानीय निर्माण बढ़ाएंगे।’
वर्तमान में 1400 से अधिक इंजन भारतीय रक्षा प्लेटफॉर्म पर हैं- जगुआर, हॉक, अर्जुन टैंक व नौसैनिक जहाज। पीएम मोदी की सीईओ से मुलाकात ने सहयोग को मजबूत किया। यह साझेदारी भारत की सैन्य आधुनिकीकरण को नई ऊंचाई देगी।