प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अदाणी पोर्ट्स के हल्दिया बल्क टर्मिनल (एचबीटी) का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को सौंप दिया। यह कदम भारत के पूर्वी समुद्री कॉरिडोर को नई ताकत प्रदान करेगा, जहां सूखी थोक माल की ढुलाई में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।

हुगली नदी पर स्थित यह पूर्णतः स्वचालित टर्मिनल सालाना 40 लाख मीट्रिक टन क्षमता वाला है। सीधी रेल कनेक्टिविटी के साथ यह सुविधा उद्योगों के लिए वरदान साबित होगी।
अदाणी पोर्ट्स के सीईओ अश्विनी गुप्ता ने बताया कि आधुनिक मशीनीकरण और रेल निकासी प्रणाली से माल के नुकसान में कमी आएगी। यह साफ-सुथरा, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल संचालन सुनिश्चित करेगा।
पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के स्टील, एल्यूमिनियम व बिजली उद्योगों की सप्लाई चेन मजबूत होगी। पूर्वी तट से 60 प्रतिशत ड्राई बल्क आयात होते हैं, जिनमें कोयला, बॉक्साइट व चूना पत्थर प्रमुख हैं।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट के हल्दिया डॉक में 30 साल की डीबीएफओटी रियायत पर बने इस टर्मिनल का निर्माण जुलाई 2023 से शुरू होकर तय समय पर पूरा हुआ। 2000 टन आरडब्ल्यूएलएस, 1.54 किमी रेल लाइन, जेटी उन्नयन व उन्नत कन्वेयर सिस्टम लगाए गए।
जहाज से सीधे ट्रेन में माल लोडिंग से ठहराव कम होगा, लागत घटेगी। सागरमाला व पीएम गति शक्ति योजनाओं का हिस्सा यह टर्मिनल लॉजिस्टिक्स क्रांति लाएगा।
