
मुंबई। पेटीएम ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि भारतीय रिजर्व बैंक की पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (पीआईडीएफ) योजना के 31 दिसंबर 2025 को समाप्त होने से होने वाली किसी भी क्षति की भरपाई कंपनी तेज राजस्व वृद्धि और लक्षित बिक्री प्रयासों से कर लेगी।
शेयर बाजारों को दी गई जानकारी में वन97 कम्युनिकेशंस ने स्पष्ट किया कि कंपनी अभी भी साउंडबॉक्स और ईडीसी मशीनों जैसे भुगतान उपकरणों पर किए गए निवेश से जुड़े प्रोत्साहन को मान्यता दे रही है। यह योजना टियर-3 से टियर-6 शहरों, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे कमसेवित क्षेत्रों में डिजिटल पेमेंट बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए है।
30 सितंबर 2025 तक के छह माह में पेटीएम ने इस योजना से 128 करोड़ रुपये की आय अर्जित की। कंपनी का मानना है कि योजना न बढ़ाए जाने पर भी उच्च आय और केंद्रित रणनीतियों से प्रभाव न्यूनतम रहेगा।
पेटीएम का वित्तीय प्रदर्शन लगातार सुधर रहा है। लागत नियंत्रण, ऑपरेटिंग लाभप्रदता और तिमाही सुधारों ने इसे मजबूत बनाया है। इन्वेस्टेक इक्विटीज ने भी पेटीएम की ऑफलाइन पेमेंट में 50% से अधिक साउंडबॉक्स हिस्सेदारी, 10% फिजिकल पीओएस और 15-20% ऑनलाइन गेटवे की सराहना की।
कंपनी की तकनीकी ताकत और व्यापारियों से गहरे रिश्ते लंबे समय तक मूल्य निर्धारण शक्ति प्रदान करते हैं। पेटीएम अपनी निरंतर विकास क्षमता पर आश्वस्त है। भारत के डिजिटल पेमेंट क्रांति में यह अग्रणी भूमिका निभाए रखेगी।