
मुंबई। देश के प्रमुख शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को सेबी से अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए अंतिम मंजूरी मिल गई है। यह घोषणा शुक्रवार को की गई, जो एक दशक से अधिक समय से चली आ रही प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
एनएसई, जो भारत के व्यापारिक वॉल्यूम का बड़ा हिस्सा संभालता है, 2016 से सार्वजनिक सूचीबद्धता की कोशिश में लगा है। को-लोकेशन विवाद और शासन संबंधी जांचों ने इसे लंबे समय तक अटकाए रखा। अब सेबी की मंजूरी के बाद गेंद एनएसई के पाले में है।
सूत्रों के अनुसार, एनएसई मार्च अंत तक ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल करने की तैयारी में है। निवेश बैंकर्स और कानूनी विशेषज्ञों के साथ चर्चाएं चल रही हैं ताकि दस्तावेज अंतिम रूप ले सकें। डीआरएचपी में आईपीओ का पूरा विवरण जैसे आकार, मूल्य निर्धारण और आवंटन होगा।
एनएसई के चेयरमैन श्रीनिवासन इंजेती ने कहा कि यह मंजूरी विकास यात्रा का बड़ा मील का पत्थर है। इससे सभी हितधारकों के लिए मूल्य सृजन का नया दौर शुरू होगा। उन्होंने जोड़ा कि यह एनएसई के भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान को मजबूत करती है।
इस बीच, एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान ने परिवार संग तिरुपति दर्शन कर एक्सचेंज, सदस्यों, शेयरधारकों और देशहित के लिए प्रार्थना की। सेबी चेयरमैन तुहिन कांता पांडे की इस महीने मंजूरी की भविष्यवाणी साकार हो गई।
निवेशक समुदाय अब डीआरएचपी पर नजरें गाड़े है। एनएसई का आईपीओ बाजार में नया उत्साह ला सकता है, जो पूंजी बाजारों को नई गति प्रदान करेगा।