
नई दिल्ली, 29 जनवरी। भारतीय सरकार ने डिजिटल भारत को मजबूत करने के लिए एक क्रांतिकारी आधार मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जो पहचान सत्यापन को अभूतपूर्व रूप से सरल, तेज़ और सुरक्षित बना देगा। इस ऐप से उपयोगकर्ता अपने स्मार्टफोन में ही डिजिटल आधार रख सकेंगे और केवल आवश्यक जानकारी ही साझा कर सकेंगे, बिना हार्ड कॉपी या फोटोकॉपी के झंझट के।
होटल चेक-इन, एयरपोर्ट सिक्योरिटी, अस्पताल प्रवेश या मूवी टिकट बुकिंग जैसे कामों में अब क्यूआर कोड स्कैन से ऑफलाइन सत्यापन संभव होगा। चेहरे की पहचान से तत्काल पुष्टि, उम्र जांच से सेवाओं तक पहुंच – सब कुछ ऐप में समाहित। गिग वर्कर्स, सर्विस पार्टनर्स और परिवारों के लिए विशेष सुविधाएं इसे और उपयोगी बनाती हैं।
बायोमेट्रिक डेटा को एक क्लिक से लॉक-अनलॉक करें, सभी प्रमाणीकरण का पूरा इतिहास देखें। ‘वन फैमिली-वन ऐप’ से एक फोन पर पांच प्रोफाइल मैनेज करें। मोबाइल नंबर अपडेट भी अब घर बैठे। आगे और सेवाएं जुड़ेंगी, जिससे केंद्रों के चक्कर कम होंगे।
गोपनीयता पर जोर: सत्यापन एजेंसियां आधार नंबर स्टोर नहीं कर सकेंगी, केवल डिजिटल साइन वाली डेटा शेयर होगी, जो डीपीडीपी कानून से पूरी तरह मेल खाती है। यूआईडीएआई द्वारा विकसित यह ऐप जितिन प्रसाद ने जारी किया।
इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि यह ऐप डेटा न्यूनतम साझाकरण को प्रोत्साहित करेगा। यूआईडीएआई अधिकारीयों ने इसे कागज-रहित प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम बताया, जहां कस्टम क्यूआर से सटीक जानकारी साझा हो सकेगी। यह ऐप न केवल सुविधाजनक, बल्कि भारतीयों की डिजिटल जिंदगी का नया अध्याय है।