
नई दिल्ली में भारत मंडपम में आयोजित भारत एआई इम्पैक्ट समिट पूरी तरह से अव्यवस्था का शिकार हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को इसकी कड़ी आलोचना की और मोदी सरकार पर घोर कुप्रबंधन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार को बेंगलुरु टेक समिट (बीटीएस) से सबक लेना चाहिए।
16 से 20 फरवरी तक चल रहे इस अंतरराष्ट्रीय समिट का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य पर वैश्विक चर्चा था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह ‘पीपुल, प्लैनेट और प्रोग्रेस’ के तीन सूत्रों पर आधारित है। 45 से अधिक देशों के मंत्रियों, संयुक्त राष्ट्र महासचिव और अन्य प्रमुख हस्तियों के शामिल होने से यह भारत की एआई क्षमता का प्रदर्शन बन सकता था।
लेकिन प्रतिभागियों को निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, लैपटॉप और बैगों पर प्रतिबंध, कैश-ओनली भुगतान जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खड़गे ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि संस्थापक, प्रदर्शक और आगंतुक भोजन-पानी के अभाव, उत्पाद चोरी और खराब डिजिटल व्यवस्था से जूझ रहे हैं। प्रधानमंत्री के पहले दिन के दर्शन के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेता ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि अपनी ही सरकार की नाकामी से भारत को वैश्विक शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है। बीटीएस की तरह बड़े आयोजनों को सुचारु रूप से संचालित करने का उदाहरण पेश करते हुए उन्होंने सुधार की मांग की।
यह विवाद समिट के मूल उद्देश्य को प्रभावित कर सकता है। प्रतिभागी नाराज हैं और आयोजकों पर सुधार का दबाव बढ़ रहा है। भारत को एआई क्षेत्र में नेतृत्व स्थापित करने के लिए ऐसी घटनाओं में बेहतर प्रदर्शन जरूरी है।