
नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2025-26 में देश में रिकॉर्ड 1,43,729 पेटेंट आवेदन दर्ज होने पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का इनोवेशन इंजन अब रुकने वाला नहीं है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के 1,10,375 आवेदनों से 30.2 प्रतिशत अधिक है।
एक्स प्लेटफॉर्म पर गोयल ने इसे आत्मविश्वासपूर्ण भारत की पहचान बताया, जो वैश्विक इनोवेशन का केंद्र बन रहा है। कुल आवेदनों में 69 प्रतिशत से ज्यादा घरेलू रहे, जिनकी संख्या 98,771 थी।
तमिलनाडु ने 22,995 आवेदनों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, उसके बाद कर्नाटक व महाराष्ट्र। शैक्षणिक संस्थानों का योगदान उल्लेखनीय रहा, जिन्होंने कुल का 36.5 प्रतिशत पेटेंट दाखिल किए।
स्टार्टअप्स, एमएसएमई और सार्वजनिक आरएंडडी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन के अनुसार, भारत अब दुनिया का छठा सबसे बड़ा पेटेंट आवेदक है।
पिछले आठ वर्षों से लगातार वृद्धि और पांच वर्षों में 146 प्रतिशत की छलांग इसकी गवाही देती है। सरकार की नीतियां इस गति को बनाए रखेंगी, जिससे भारत इनोवेशन में अग्रणी बनेगा।

