
नई दिल्ली। वर्ष 2025 में भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पहली बार यह आंकड़ा 47 अरब डॉलर यानी 4.15 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया, जो पिछले साल के 34.93 अरब डॉलर की तुलना में 37 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्शाता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कुल निर्यात में स्मार्टफोन का योगदान लगभग दो-तिहाई रहा, जो करीब 30 अरब डॉलर का है। उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना ने इस उछाल को संभव बनाया। दिसंबर 2025 में निर्यात 4.17 अरब डॉलर पर पहुंचा, जो पिछले साल के मुकाबले 16.8 प्रतिशत अधिक है।
साल भर में सात महीनों में निर्यात 4 अरब डॉलर से ऊपर रहा, जो वैश्विक मांग की मजबूती को रेखांकित करता है। रिपोर्ट बताती है कि 2025 का स्मार्टफोन निर्यात पिछले पांच सालों के कुल का 38 प्रतिशत है। 2021-2025 के बीच कुल 79.03 अरब डॉलर का निर्यात हुआ, जिसमें एप्पल आईफोन का हिस्सा 75 प्रतिशत से अधिक रहा।
आईफोन निर्यात पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये पार कर गया, जो 2024 से 85 प्रतिशत ज्यादा है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर इकाइयों से 2026 में और तेजी आएगी। भारत अब विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है, जहां 99 प्रतिशत फोन स्थानीय उत्पादन हैं। पीएलआई योजना को बढ़ाने पर विचार चल रहा है।