
नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक में भारत और वियतनाम ने स्वास्थ्य क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली को जोड़ने पर विशेष बल दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की संयुक्त प्रेस वार्ता के बाद जारी बयान में भारतीय फार्मा उद्योग की उपलब्धियों की सराहना की गई।
दोनों देशों ने 2027 से वियतनाम के सरकारी अस्पतालों के लिए दवाओं की आपूर्ति में भारतीय कंपनियों की भूमिका सुनिश्चित करने पर सहमति जताई। स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल क्रांति लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को प्राथमिकता दी गई।
पारंपरिक चिकित्सा की साझा विरासत को मजबूत करने हेतु ज्ञान विनिमय, शोध और संस्थागत सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया। पारंपरिक चिकित्सा पर एमओयू अंतिम化 करने और वियतनाम में आयुर्वेद चेयर स्थापित करने के प्रस्ताव का स्वागत हुआ।
डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में आरबीआई और वियतनाम स्टेट बैंक के बीच समझौते को मील का पत्थर बताया गया। क्यूआर कोड से खुदरा भुगतान जोड़कर पर्यटन व व्यापार को गति मिलेगी। डीपीआई, 6जी, एआई, अंतरिक्ष, परमाणु, समुद्री विज्ञान, बायोटेक, फार्मा, उन्नत सामग्री और दुर्लभ खनिजों में सहयोग विस्तार होगा।
संयुक्त अनुसंधान केंद्र और उत्पाद विकास पर जोर दिया गया। मिशन लाइफ, आईएसए और जीबीए जैसे वैश्विक मंचों का महत्व रेखांकित किया गया। आपदा प्रबंधन में सीडीआरआई, स्मार्ट कृषि, जल प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण में डिजिटल तकनीकों का उपयोग बढ़ेगा।
परमाणु ऊर्जा सहयोग जारी रखने और आईआरईएल के दुर्लभ खनिज समझौते को शीघ्र लागू करने पर बल। समुद्री विज्ञान में अवलोकन, डेटा, पूर्वानुमान और क्षमता निर्माण पर साझा प्रयास होंगे।
