
नई दिल्ली। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम में पी. परमेश्वरन मेमोरियल लेक्चर के दौरान भारत की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डाला। 2014 में ‘कमजोर पांच’ अर्थव्यवस्थाओं की सूची में शामिल भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह बदलाव देश के बढ़ते आत्मविश्वास और दृढ़ दिशा को प्रतिबिंबित करता है।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत निकट भविष्य में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान हासिल कर लेगा और 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार होगा। ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 81वें से 38वें स्थान पर उन्नति इसका प्रमाण है।
देश में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जो 21 लाख नौकरियां प्रदान कर रहे हैं। 2015 में शुरू हुआ स्टार्टअप इंडिया अभियान अब राष्ट्रव्यापी क्रांति बन गया है। इनमें आधे से ज्यादा टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं, जिसमें महिलाएं प्रमुख भूमिका निभा रही हैं।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिल रहा है। महिलाएं अंतरिक्ष, विज्ञान और प्रशासन के महत्वपूर्ण अभियानों का संचालन कर रही हैं। पेटेंट फाइलिंग में भारत विश्व में छठा है, जिसमें 60% से अधिक भारतीयों के हैं।
वैज्ञानिक प्रकाशनों में भी शीर्ष स्थान और हजारों भारतीय वैज्ञानिक विश्व के टॉप 2% में शामिल हैं। नीतिगत सुधारों से अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का विस्तार हुआ है। रक्षा, प्रौद्योगिकी में स्वदेशी क्षमता बढ़ी, निर्यात फली-फूला और आत्मनिर्भरता मजबूत हुई।
समुद्री संसाधन, गहन समुद्र खनिज और जैव विविधता भविष्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएंगे। डॉ. सिंह ने युवाओं से कहा कि विकसित भारत का निर्माण वे ही करेंगे। भारत का यह सफर प्रेरणादायक है।