
नई दिल्ली में रविवार को आयोजित एक भव्य समारोह में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि भारत 2 करोड़ से अधिक लखपति दीदियों को पार कर 3 करोड़ के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में ग्रामीण आजीविका और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं के योगदान को स्वीकार करते हुए उन्होंने 400 से ज्यादा लखपति दीदियों, पीएमएवाई-जी लाभार्थियों और एसएचजी नेताओं को सम्मानित किया।
चौहान ने कहा कि गणतंत्र दिवस इन दीदियों की प्रेरक यात्राओं का उत्सव है। देशभर से आई एसएचजी महिलाओं का स्वागत करते हुए उन्होंने अन्य महिलाओं को सशक्त बनाने में उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व की तारीफ की।
उन्होंने जोर देकर कहा कि समृद्ध राष्ट्र समृद्ध महिलाओं पर टिका है। डीएवाई-एनआरएलएम ने ऋण, आजीविका और सामूहिक सशक्तिकरण तक पहुंच प्रदान कर परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है।
लैंगिक समानता और सामाजिक परिवर्तन पर बल देते हुए चौहान ने लाडली लक्ष्मी योजना व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। अब महिलाएं न केवल लाभार्थी हैं बल्कि अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी, क्योंकि चार में से एक एसएमई महिलाओं के पास है।
चौहान ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के जरिए बाजार जुड़ाव और डिजिटल टूल्स से मूल्य श्रृंखलाओं में भागीदारी पर डीएवाई-एनआरएलएम की भूमिका को रेखांकित किया। ये प्रयास ग्रामीण महिलाओं को मजबूत बनाते हुए विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।