
नई दिल्ली। वैश्विक नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स 2025 में भारत ने अपनी स्थिति को मजबूती से सुधारा है। चार पायदान की छलांग लगाकर देश अब 45वें स्थान पर पहुंच गया है। सरकार की ओर से सोमवार को जारी जानकारी के अनुसार, भारत का कुल स्कोर भी 53.63 से बढ़कर 54.43 हो गया है।
पोर्टुलंस इंस्टीट्यूट की इस रिपोर्ट में 127 देशों की डिजिटल क्षमताओं का मूल्यांकन किया गया है। चार प्रमुख क्षेत्रों- प्रौद्योगिकी, लोग, शासन और प्रभाव- के अंतर्गत 53 संकेतकों पर आधारित यह रैंकिंग भारत की प्रगति को रेखांकित करती है।
भारत ने टेलीकॉम निवेश, एआई शोध पत्रों, आईटी निर्यात और ई-कॉमर्स कानूनों में दुनिया में नंबर एक स्थान हासिल किया। फाइबर इंटरनेट, मोबाइल डेटा उपयोग और अंतरराष्ट्रीय बैंडविड्थ में दूसरा तथा बाजार आकार व आय असमानता में तीसरा स्थान मिला।
कम आय वाले मध्यम देशों में भारत दूसरे नंबर पर है, जो इसकी डिजिटल उन्नति को प्रमाणित करता है। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दुनिया का सबसे सस्ता डेटा और 120 करोड़ मोबाइल यूजर्स का जिक्र किया। जून तक हर गांव में 4जी पहुंचने की उम्मीद है।
बीएसएनएल ने 97,068 4जी साइट्स लगाईं, जिनमें 93,511 सक्रिय हैं। सभी टावरों को 5जी में अपग्रेड करने की योजना है। पूरे देश में 5जी सेवाएं 99.9 प्रतिशत जिलों तक विस्तारित हो चुकी हैं। टेलीकॉम कंपनियों ने 5.08 लाख 5जी बीटीएस स्थापित किए हैं।
यह उपलब्धि भारत की डिजिटल क्रांति को वैश्विक पटल पर मजबूत आधार प्रदान करती है।