
नई दिल्ली में भारत और जापान के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। दोनों देशों ने स्वास्थ्य अनुसंधान और क्वांटम तकनीक में सहयोग बढ़ाने के लिए कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे दोनों राष्ट्रों की रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलेगी।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, ये समझौते केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और जापान की मंत्री किमी ओनोडा के बीच उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान हुए।
स्वास्थ्य क्षेत्र में जापान चिकित्सा अनुसंधान एजेंसी, आईसीएमआर और विज्ञान विभाग के बीच एमओसी पर दस्तखत हुए, जो चिकित्सा उपकरणों और अनुसंधान में संयुक्त प्रयासों को बढ़ावा देगा।
क्वांटम विज्ञान के लिए जापान कैबिनेट कार्यालय और भारत के विज्ञान विभाग के बीच एलओआई साइन किया गया, जो भविष्य की तकनीकों में नए द्वार खोलेगा।
ये कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2023 जापान यात्रा के दौरान बने समझौतों पर आधारित हैं।
डॉ. सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच प्राकृतिक सामंजस्य है। जापान की तकनीक और भारत का मानव संसाधन एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने क्वांटम, साइबर सिस्टम, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी आदि क्षेत्रों में भारत की प्रगति का जिक्र किया।
ओनोडा ने भारत की आर्थिक उछाल और एआई उपयोग की तारीफ की। स्वास्थ्य में संयुक्त शोध, क्षमता निर्माण पर चर्चा हुई।
यह साझेदारी वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में मजबूत बनेगी।
