
नई दिल्ली में मंगलवार को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और आयरलैंड के मंत्री जैक चैम्बर्स के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने क्वांटम संचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नियामकीय नवाचार और ग्रामीण ब्रॉडबैंड क्षेत्रों में अपार सहयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
सिंधिया ने कहा कि भारत और आयरलैंड दोनों ही नवाचार प्रधान लोकतंत्र हैं। उन्होंने आईटीयू में भारत की उम्मीदवारी के लिए आयरलैंड के समर्थन की अपेक्षा जताई। ‘हम भविष्य के लिए तैयार डिजिटल साझेदारी गढ़ सकते हैं,’ उन्होंने कहा।
बैठक में दूरसंचार अवसंरचना, उभरती तकनीकों और नियामक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई। भारत की व्यापक पहुंच व त्वरित तकनीकी अपनाने की क्षमता आयरलैंड के शोध-आधारित नवाचार से पूरक बनेगी।
दूरसंचार विभाग व आयरलैंड के संचार नियामक आयोग के बीच संरचित सहयोग, जिसमें शैक्षणिक संस्थान, स्टार्टअप व उद्योग शामिल होंगे, पर जोर दिया गया। सिंधिया ने 2014 के बाद आईसीटी क्रांति का जिक्र किया—1.23 अरब टेलीकॉम ग्राहक, 1 अरब इंटरनेट उपयोगकर्ता।
5जी 99.9 प्रतिशत जिलों में, डेटा कीमत 0.10 डॉलर प्रति जीबी। वॉइस-डेटा दरें वैश्विक न्यूनतम। डीपीआई की सफलता जैसे यूपीआई व डीबीटी ने डिजिटल क्रांति को गति दी। चैम्बर्स ने नेशनल ब्रॉडबैंड प्लान, भारतीय समुदाय का योगदान व फाइबर परियोजनाओं का उल्लेख किया।
व्यापार संबंध मजबूत, आईटीयू में संयुक्त कार्य व सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान होगा। यह साझेदारी समावेशी डिजिटल विकास सुनिश्चित करेगी।