
नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक भारत एआई इम्पैक्ट समिट का भव्य आयोजन होगा। ग्लोबल साउथ में पहली बार हो रहे इस ऐतिहासिक एआई समिट का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। विश्व भर से प्रतिनिधि इस समिट में शिरकत करेंगे, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित करेगा।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता भारत के विकास पथ को मजबूत बनाने, शासन व्यवस्था को सशक्त करने और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी में क्रांति लाने वाली शक्ति है। यह समावेशी विकास को गति देती है और 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता बहुभाषी एआई मॉडल विकसित करने के लिए अनूठा अवसर प्रदान करती है।
समिट में वैश्विक नेता, नीति निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ और विचारक एकत्र होंगे। एआई की शासन, नवाचार और सतत विकास में भूमिका पर गहन चर्चा होगी। अंतरराष्ट्रीय एआई मंचों के निष्कर्षों को भारतएआई मिशन और डिजिटल इंडिया से जोड़कर ठोस परिणाम निकाले जाएंगे। बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और जनकेंद्रित एआई ढांचे तैयार होंगे।
सरकार ने भारतएआई मिशन, कम्प्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वदेशी मॉडल और जिम्मेदार एआई के लिए क्षमता निर्माण पर जोर दिया है। यह समिट वैश्विक साझेदारी को मजबूत करेगा, नैतिक एआई को प्रोत्साहित करेगा और प्रमुख क्षेत्रों में एआई अपनाने को तेज करेगा। भारत एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र बनेगा।
2026 संस्करण से पहले, अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 तक मेघालय, गुजरात, ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, केरल और तेलंगाना में आठ क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित हो चुके हैं, जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़ते हैं।