
दावोस। विश्व आर्थिक मंच में वैश्विक उद्योग जगत के दिग्गजों ने भारत को दुनिया का एक प्रमुख शक्ति केंद्र के रूप में देखा है। विशाल जनसंख्या, तीव्र आर्थिक विकास और नवाचार के बढ़ते पारिस्थितिकी तंत्र के दम पर भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूत स्थिति बना रहा है।
मंच की बैठकों के इतर हुई बातचीतों में बिजनेस लीडर्स ने भारत की वैश्विक प्रगति में भूमिका और दीर्घकालिक निवेश आकर्षण की क्षमता पर जोर दिया। ताइवान के फोरम फॉर बिजनेस के संस्थापक तू चांग ने कहा कि भारत की जनसांख्यिकीय ताकत इसे दुनिया की शीर्ष आर्थिक शक्तियों में शुमार करती है।
चांग ने कहा, ‘भारत एक प्रभावशाली वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। युवा आबादी के कारण यहां विकास और नवाचार की अपार गुंजाइश है।’ उन्होंने भारत को वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन बताया और आने वाले समय में इसकी भूमिका और मजबूत होने की भविष्यवाणी की।
विश्व आर्थिक मंच में सतत विकास, पूंजी प्रवाह, निवेश और राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा हो रही है, जो आर्थिक उन्नति से जुड़े हैं। चांग ने कहा कि जनसांख्यिकीय लाभ और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वैश्विक निवेशकों को लुभाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने युवा कार्यबल को देश की प्रमुख पूंजी बताया।
कैनियस इंटरनेशनल के मिलिंद पिंपरीकर ने प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार विस्तार पर जोर दिया। उनकी कंपनी महाराष्ट्र और केंद्र सरकार के साथ स्टार्टअप्स व डीप-टेक को व्यावसायिक बनाने का ढांचा तैयार कर रही है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के साथ डीप-टेक संस्थान के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं।
ऑस्ट्रेलिया के फ्रंटियर वन के फ्रैंक मीहान ने भारत की आर्थिक गति, बुनियादी ढांचे और व्यावसायिक माहौल को निवेश के लिए आकर्षक बताया।
भारतीय नेता भी सक्रिय हैं। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने एनवीडिया, ईडीएफ और लिंडे के अधिकारियों से भेंट की। महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस ने रॉटरडैम पोर्ट के सीईओ से चर्चा की। भारत का यह प्रयास वैश्विक पटल पर इसकी स्थिति को और सशक्त करेगा।