
मुंबई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उभार ने आईबीएम के शेयरों को 25 साल से अधिक समय में सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट की ओर धकेल दिया। कंपनी का स्टॉक 13.2 प्रतिशत लुढ़ककर 223.35 डॉलर पर बंद हुआ।
इस साल अब तक आईबीएम के शेयर लगभग 25 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं। निवेशक एआई के प्रभाव को लेकर चिंतित हैं, जो एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और आईटी सेवाओं के पारंपरिक मॉडल को तेजी से बदल सकता है।
यह गिरावट एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक के ब्लॉग पोस्ट के बाद हुई, जिसमें दावा किया गया कि उनका ‘क्लॉड कोड’ टूल 1950 के दशक की प्रोग्रामिंग भाषा कोबोल को समझ और आधुनिक बना सकता है। कोबोल आज भी बैंकों, एयरलाइंस, बीमा कंपनियों और सरकारी सिस्टम में प्रमुख भूमिका निभा रही है।
आईबीएम के मेनफ्रेम कारोबार में भी कोबोल अहम है। दशकों से इन सिस्टमों का रखरखाव महंगा और जटिल रहा है, जो आईबीएम को स्थिर कमाई देता आया है। एंथ्रोपिक का मानना है कि एआई पुराने कोड का विश्लेषण आसान बना देगा।
दुनिया भर में सैकड़ों अरब लाइनों का कोबोल कोड सक्रिय है, जबकि जानकारों की संख्या घट रही है। अमेरिका में 95 प्रतिशत एटीएम लेनदेन कोबोल पर निर्भर हैं। एआई बड़े कोडबेस स्कैन कर निर्भरताएं समझ सकता है, दस्तावेज तैयार कर सकता है और जोखिमों की पहचान कर सकता है।
एंथ्रोपिक ने कहा, ‘आधुनिकीकरण रुका हुआ था क्योंकि कोड समझना दोबारा लिखने से महंगा पड़ता था। एआई यह बदलाव लाएगा।’ आईबीएम जैसे दिग्गजों के लिए यह खतरे की घंटी है।