
भारत के तकनीकी परिदृश्य में एक बड़ा कदम उठाते हुए आईबीएम ने अपना पहला इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन सेंटर ‘संगम’ लॉन्च किया है। यह केंद्र कंपनी के अत्याधुनिक इंडिया सिस्टम्स डेवलपमेंट लैब (आईएसडीएल) कैंपस में स्थापित है और भारत को उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
यह सहयोगी केंद्र आईबीएम के सिस्टम आर्किटेक्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों को ग्राहकों, स्वतंत्र सॉफ्टवेयर विक्रेताओं, वैश्विक सिस्टम इंटीग्रेटर्स, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स तथा अन्य पार्टनर्स के साथ जोड़ता है। यहां हाइब्रिड क्लाउड, उन्नत तकनीकों और एआई का एकीकरण कर सुरक्षित एवं स्केलेबल एंटरप्राइज सिस्टम विकसित किए जाएंगे।
आईबीएम इंडिया एवं साउथ एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप पटेल ने कहा कि भारत एआई यात्रा के निर्णायक मोड़ पर है। ‘इंफ्रास्ट्रक्चर ही तय करेगा कि संस्थाएं कितनी तेजी से नवाचार कर सकेंगी।’ विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां अपने सिस्टम को एआई-रेडी बना रही हैं और यह केंद्र आईबीएम की भारत के प्रति लंबी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आईएसडीएल की वाइस प्रेसिडेंट सुभथरा श्रीनिवासराघवन ने जोर दिया कि एआई का प्रभाव उसके इंफ्रास्ट्रक्चर जितना मजबूत होता है। यह केंद्र गहन इंजीनियरिंग और सहयोग से बड़े पैमाने पर एआई अपनाने में सहायता करेगा, जिसमें प्रदर्शन, सुरक्षा, गवर्नेंस और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।
आईबीएम इंस्टीट्यूट फॉर बिजनेस वैल्यू के अध्ययन के अनुसार, 58 प्रतिशत भारतीय कंपनियों ने एआई मांग के चलते इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश बढ़ाया है। 2025 तक 19 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है और 43 प्रतिशत कंपनियां एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना कर रही हैं। संगम इस गति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।