
अंतरिक्ष के लंबे सफर में एस्ट्रोनॉट्स का शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं। माइक्रोग्रैविटी के असर से हड्डियां कमजोर पड़ती हैं, मांसपेशियां सिकुड़ती हैं और दिल की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। नासा भोजन, पोषण और सख्त व्यायाम कार्यक्रमों से इन जोखिमों पर काबू पाता है।
मिशन से पहले और बाद में सही आहार ऊर्जा देता है। आईएसएस पर खाना न केवल पेट भरता है, बल्कि मनोबल बढ़ाता और टीम को जोड़ता है। ह्यूस्टन की स्पेस फूड लैब पौष्टिक, स्वादिष्ट भोजन तैयार करती है। यात्री अपनी पसंद के व्यंजन चुन सकते हैं, जो अलगाव की भावना कम करता है।
पोषण विशेषज्ञ विटामिन, मिनरल्स और कैलोरी का सटीक संतुलन बनाते हैं। टैबलेट ऐप से रोजाना डायरी भरी जाती है, साप्ताहिक जांच होती है। रक्त-मूत्र टेस्ट से अंतरिक्ष कारकों पर शरीर की प्रतिक्रिया पता चलती है।
व्यायाम अनिवार्य है—हर दिन ढाई घंटे। यह हड्डी घनत्व, मसल स्ट्रेंथ, हृदय क्षमता बचाता है। उपकरण जैसे एआरईडी (रेसिस्टेंस), टी2 (ट्रेडमिल), सीईवीएस (साइकिल) इस्तेमाल होते हैं।
फ्लाइट सर्जन व्यक्तिगत प्लान बनाते हैं। परिवार से वीडियो कॉल, क्रू पैकेज, साइकोलॉजिकल मदद और मेडिकल सुविधाएं मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करती हैं। यह सिस्टम भविष्य के मंगल मिशनों की नींव है।
