
भारत के प्रमुख शहरों में 2025 में घर खरीदने का फैसला अब पहले से कहीं ज्यादा सोच-समझकर हो रहा है, खासकर एक से दो करोड़ के आलीशान मकानों पर। बाजार विश्लेषण बताते हैं कि इस रेंज के घरों पर औसतन 30 दिन लगे, जो 2024 के 47 दिनों से बेहतर है लेकिन सतर्कता की गवाही देता है।
बढ़ती कीमतें, नए प्रोजेक्ट्स की भरमार और शेयर बाजार जैसे आकर्षक निवेश विकल्पों ने खरीदारों को लंबे समय तक विचार में डुबोया। 50 लाख से एक करोड़ के घर 29 दिनों में बिके, जैसा पिछले साल था। तीन करोड़ से नीचे के मकानों पर 27 दिन लगे, जबकि पहले 17 थे।
हालांकि दो से तीन करोड़ वाले सेगमेंट में रिकॉर्ड 15 दिन का समय लगा, जो 28 से कम है। सीमित उपलब्धता और मजबूत विश्वास इसके पीछे हैं। सस्ते 50 लाख से कम के घरों में भी तेजी आई—19 दिन बनाम 28। किराए की ऊंची दरें और आसान लोन ने पहली बार खरीदारों को प्रेरित किया।
बाजार अब विक्रेताओं का एकछत्र राज नहीं। लग्जरी में विकल्पों की बहुलता से खरीदार चूजीनग कर रहे हैं। 2020-2025 के आंकड़े दिखाते हैं कि 2022 में सबसे तेज 22 दिन थे, 2020 में 35। यह बदलाव परिपक्व बाजार की ओर इशारा करता है।