
मुंबई के बहुआयामी वस्तु बाजार में शुक्रवार को सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी का दौर चला। अमेरिका और ईरान के बीच उफान पर तनाव तथा डॉलर में हल्की गिरावट ने इन कीमती धातुओं को बल प्रदान किया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अप्रैल सोने का भाव इंट्रा-डे में 0.30 प्रतिशत उछलकर 1,60,719 रुपये प्रति दस ग्राम के उच्च स्तर को छू गया। मार्च चांदी 3 प्रतिशत से अधिक की छलांग लगाकर 2,68,301 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंची।
दोपहर 2:13 बजे तक अप्रैल गोल्ड 0.40 प्रतिशत या 645 रुपये मजबूत होकर 1,60,354 रुपये पर था, जबकि अप्रैल सिल्वर 2.69 प्रतिशत या 6,981 रुपये की तेजी के साथ 2,66,650 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
परमाणु वार्ता में प्रगति न होने से भू-राजनीतिक जोखिम बरकरार हैं। अमेरिकी सेना की तैनाती बढ़ाने और तेल-हथियार निर्यात पर नए प्रतिबंधों ने ईरान पर दबाव बढ़ाया, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग जोरदार हुई।
डॉलर इंडेक्स 0.04 प्रतिशत लुढ़ककर 97.76 पर आया, जो विदेशी खरीदारों के लिए राहत लेकर आया। अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती से ब्याज दर कटौती की उम्मीदें कम हुई हैं।
घरेलू मोर्चे पर सेबी ने म्यूचुअल फंड्स के ईटीएफ में भौतिक सोना-चांदी के मूल्यांकन नियम बदले हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इससे पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित होगी।
विश्लेषकों का मानना है कि सोना रिकॉर्ड उच्च 1,80,000-1,81,000 से सुधार के बाद 1,55,000-1,65,000 के दायरे में स्थिर है, जो स्वस्थ विराम है। चांदी का मजबूत समर्थन 2,25,000-2,35,000 है, ऊपर टिके तो 3,00,000-3,25,000 संभव।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ये धातुएं निवेशकों का भरोसा बनाए रखेंगी।