
दिल्ली की सड़कों पर वाहनों से फैलने वाले प्रदूषण को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने शनिवार को सरकार के नए इलेक्ट्रिक वाहन नीति मसौदे का स्वागत किया। उनका मानना है कि तीन से सात सालों में यह नीति प्रदूषण को लगभग शून्य कर देगी।
नीति में निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पंजीकरण शुल्क व सड़क कर में छूट का प्रावधान है, जो आम लोगों को ईवी खरीदने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही, वाणिज्यिक क्षेत्र में जीवाश्म ईंधन से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर संक्रमण को बढ़ावा मिलेगा।
सचदेवा ने इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों पर भारी छूट के प्रस्ताव के लिए रेखा गुप्ता सरकार की सराहना की। दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का अहम हिस्सा ऑटो-रिक्शा 1 जनवरी 2027 से पूरी तरह ईवी होंगे, जिससे स्वच्छ परिवहन सुनिश्चित होगा।
तीन और चार पहिया वाणिज्यिक मालवाहकों को इलेक्ट्रिक बनाने से प्रदूषण पर लगाम लगेगी। नीति की खासियत यह है कि दिल्ली सरकार अपने सभी वाहनों को इलेक्ट्रिक करेगी, जिसमें बसें व एन1 ट्रक शामिल हैं। इससे दो साल में 10 प्रतिशत से अधिक प्रदूषण कम होगा।
लोगों से फीडबैक लेने को मसौदा जारी किया गया है। 2027 से तीनपहिया व 2028 से दोपहिया के केवल ईवी पंजीकरण होंगे। वित्तीय प्रोत्साहन, कर छूट व बुनियादी ढांचे से दिल्ली इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में अग्रणी बनेगी।

