
भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 (एफओएफ 2.0) को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत कुल 10,000 करोड़ रुपये का कोष बनाया जाएगा, जो देशभर के स्टार्टअप्स के लिए वेंचर कैपिटल जुटाने में सहायक होगा।
यह पहल स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत 2016 में शुरू हुए फंड ऑफ फंड्स (एफएफएस 1.0) की सफलता पर आधारित है। एफएफएस 1.0 के माध्यम से 10,000 करोड़ रुपये 145 वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) को दिए गए, जिन्होंने कृषि, एआई, रोबोटिक्स, फिनटेक, स्वास्थ्य सेवा, अंतरिक्ष तकनीक जैसे क्षेत्रों में 1,370 से अधिक स्टार्टअप्स में 25,500 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश किया।
2016 से अब तक भारत के स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढ़कर डीपीआईआईटी द्वारा मान्यता प्राप्त 2 लाख से अधिक हो चुकी है। 2025 में पंजीकरण की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है। एफओएफ 2.0 घरेलू पूंजी को मजबूत कर वेंचर कैपिटल इकोसिस्टम को सशक्त बनाएगा और नवाचार आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करेगा।
यह फंड वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी तकनीकों का निर्माण करेगा, विनिर्माण को बढ़ावा देगा, गुणवत्तापूर्ण रोजगार पैदा करेगा और भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र बनाएगा। विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप, यह सरकारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।