
बेंगलुरु की चिप डिजाइन कंपनी सी2आई सेमीकंडक्टर्स ने भारत सरकार की डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) योजना के तहत समर्थन प्राप्त कर पीक एक्सवी पार्टनर्स के नेतृत्व में 15 मिलियन डॉलर की सीरीज ए फंडिंग हासिल की है। सोमवार को की गई इस घोषणा से कंपनी को निजी निवेशकों से कुल 170 करोड़ रुपये का निवेश मिल चुका है।
2024 में 4 मिलियन डॉलर की फंडिंग के बाद यह नया निवेश कंपनी को एआई डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए उन्नत पावर मैनेजमेंट सेमीकंडक्टर विकसित करने में गति देगा। पीक एक्सवी ने कंपनी की अनोखी ‘ग्रिड टू कोर’ तकनीक पर भरोसा जताया है, जो सर्वर में बिजली के प्रवाह को क्रांतिकारी रूप से बदलती है।
इस तकनीक से जीपीयू की आयु बढ़ सकती है और उद्योग को अरबों डॉलर की बचत हो सकती है, जैसा कि पीक एक्सवी के राजन आनंदन ने कहा। यह सिस्टम डेटा सेंटर के लिए स्मार्ट पावर नियंत्रण की तरह कार्य करता है, जो उच्च प्रदर्शन वाले एआई सिस्टम को विश्वसनीय बनाता है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, भारत का सेमीकंडक्टर कार्यक्रम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग दोनों को बढ़ावा देता है। 2022 में शुरू डीएलआई योजना स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, एडवांस टूल्स और आईपी प्रदान करती है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
विशेषज्ञ समिति की सख्त जांच के बाद ही कंपनियों को समर्थन मिलता है। सी2आई की सफलता से साबित होता है कि डीएलआई से भारत का चिप डिजाइन इकोसिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है, जो वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएं खोल रहा है।