
नई दिल्ली, 18 फरवरी। एक ताजा रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी 50 प्रतिशत से अधिक नौकरियां बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर में केंद्रित हैं। बेंगलुरु का हिस्सा अकेले 25.4 प्रतिशत है, जो इसे देश का प्रमुख तकनीकी केंद्र बनाता है।
सीबीआरई साउथ एशिया की रिपोर्ट में नौकरी डॉट कॉम पर दिसंबर 2025 तक उपलब्ध 64,500 से ज्यादा सक्रिय एआई नौकरी विज्ञापनों का विश्लेषण किया गया। दिल्ली-एनसीआर का योगदान 24.8 प्रतिशत तथा मुंबई का 19.2 प्रतिशत रहा। इन तीनों महानगरों में कुल 70 प्रतिशत एआई रोजगार संकेंद्रित हैं।
इंजीनियरिंग (सॉफ्टवेयर व क्वालिटी चेक), डेटा साइंस और ग्राहक सेवा जैसे क्षेत्रों में भर्तियां सबसे तेजी से बढ़ रही हैं। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि एआई अब सिर्फ तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि व्यवसायिक संचालन में भी घुसपैठ कर रहा है।
रिपोर्ट कहती है, “भारत न केवल एआई कोड लिख रहा है, बल्कि वैश्विक बाजारों के लिए इसका क्रियान्वयन भी निर्धारित कर रहा है।”
इस बूम का असर कार्यालय स्थानों पर भी पड़ रहा है। 2025 में बेंगलुरु ने 26 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ ऑफिस लीजिंग में बाजी मारी, कुल गतिविधि 82.6 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंची। जीसीसी लीजिंग में भी इसका एक तिहाई से अधिक हिस्सा रहा।
दिल्ली-एनसीआर में आईटी के अलावा कंसल्टिंग, फिनटेक, स्वास्थ्य और सरकारी क्षेत्रों से भी मजबूत मांग है। सीबीआरई के चेयरमैन अंशुमन मैगजीन ने कहा, “एआई भारत की आर्थिक प्रगति का अभिन्न अंग बन चुका है। यह वैश्विक कंपनियों के लिए भारत को नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।”
यह बदलाव देश की आर्थिक संरचना को नया आयाम देगा।