
नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साइबर धोखाधड़ी से निपटने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आई4सी, राज्य पुलिस, सीबीआई, एनआईए, ईडी, दूरसंचार विभाग, बैंकिंग क्षेत्र, आईटी मंत्रालय, आरबीआई और न्यायपालिका सभी मिलकर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठा रहे हैं।
शाह ने बताया कि जनवरी 2020 से नवंबर 2025 तक आई4सी पोर्टल का 23 करोड़ से ज्यादा उपयोग हुआ। इस दौरान 82 लाख शिकायतें आईं, जिनमें से 1.84 लाख एफआईआर दर्ज हुईं और कई मामलों का समाधान भी हो गया। यह आंकड़े इस प्लेटफॉर्म की उपयोगिता को रेखांकित करते हैं।
गृह मंत्रालय ने पहले ही व्यापक रणनीति बना ली है, जिसमें तत्काल रिपोर्टिंग, फॉरेंसिक लैब नेटवर्क, क्षमता वृद्धि, शोध-विकास, जागरूकता अभियान और साइबर स्वच्छता शामिल है। इनके बीच बेहतर तालमेल से मजबूत सुरक्षा तंत्र बनेगा।
2019 में स्थापित आई4सी ने शानदार बुनियादी ढांचा तैयार किया है। एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाया, साइबर सेटअप खड़े किए और अपराधियों पर सख्ती की। शाह ने सीबीआई-आई4सी की सराहना की, हर एजेंसी की भूमिका महत्वपूर्ण बताई।
भारत का डिजिटल परिदृश्य बदला है: 25 करोड़ से 100 करोड़ इंटरनेट यूजर्स, ब्रॉडबैंड 16 गुना बढ़ा, डेटा सस्ता 97% हुआ, भारतनेट से 2 लाख पंचायतें जुड़ीं। 2024 में यूपीआई पर 181 अरब ट्रांजेक्शन 233 ट्रिलियन के, दुनिया के आधे डिजिटल भुगतान भारत में।
सम्मेलन का लक्ष्य साइबर फ्रॉड के पैमाने, ट्रेंड्स और बदलते रूपों पर साझा समझ बनाना था।