
नई दिल्ली में सोमवार से शुरू हो रहे एआई इम्पैक्ट समिट 2026 को लेकर पूरे देश और विश्व में जबरदस्त रोमांच व्याप्त है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने बताया कि इस मेगा इवेंट की तैयारी पिछले एक साल से जोरों पर थी। फरवरी 2025 में फ्रांस के एआई एक्शन समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद से ही कमर कस ली गई थी।
संस्थानों से संपर्क, विभिन्न सत्रों का आयोजन और भव्य एक्सपो के जरिए तैयारियां तेज हुईं। अब तक ढाई लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं।
20 से ज्यादा देशों के राष्ट्राध्यक्ष, 40 से अधिक देशों के मंत्री, 100 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल, 100 सीईओ और 500 शिक्षाविद् व विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। कुल 460 समांतर कार्यक्रम होंगे।
कृष्णन ने कहा कि विकसित भारत@2047 के लक्ष्य के लिए एआई की लहर पर सवार होना जरूरी है।
जापान के एमईटीआई के ताकुमी मियाकावा ने बताया कि वहां नई सरकार एआई को प्राथमिकता दे रही है। भारत-जापान साझेदारी मजबूत होगी।
प्रसार भारती के पूर्व सीईओ शशि शेखर वेम्पति ने इसे भारत का गौरव बताया। पीएम मोदी के नेतृत्व में ग्लोबल साउथ की आवाज बने भारत अब एआई प्रदाता बनेगा। कोविड में वैक्सीन की तरह एआई को अवसर मान रहे हैं।
भारत की अंग्रेजी जनसंख्या, डिजिटल पहुंच और एआई साक्षरता (स्टैनफोर्ड रिपोर्ट) मजबूत हैं। स्वदेशी मॉडल विकसित कर स्टार्टअप्स को बढ़ावा दें, यही समय है। यह समिट युवाओं व निवेशकों के लिए स्वर्ण अवसर साबित होगा।