
नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंदोक ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य पर रोशनी डाली। आपदा प्रबंधन पर केंद्रित सत्र में उन्होंने बताया कि एआई मॉडल बेहद तेज रफ्तार से विकसित हो रहे हैं और अगले तीन वर्षों में इस क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि संभव है।
चंदोक ने कहा कि हाल के महीनों में एआई ने जो प्रगति दर्ज की है, वह आश्चर्यजनक है। आज के मॉडल अत्याधुनिक हैं और विश्व इन्हें अपनाने को तैयार बैठा है। इससे व्यवसायों को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
पिछले छह महीनों में आए बदलाव स्पष्ट हैं, जिससे एआई क्षेत्र में हजारों गुना वृद्धि का अनुमान है। कोडिंग से शुरू होकर एआई अब कारोबार के हर पहलू में गहराई से जुड़ गया है। डिजिटल सहायक अब टीम के पूर्ण सदस्य की तरह कार्यरत हैं।
उन्होंने उल्लेख किया कि एआई कानूनी दस्तावेज तैयार करने में सक्षम हो गया है, जिससे कंपनियों को नियंत्रण और सुरक्षा पर विचार करने की आवश्यकता है। एआई-प्रथम मॉडल अपनाते हुए कंपनियां क्लाउड से आगे बढ़ रही हैं। भविष्य की कंपनियां एआई की नींव पर टिकी होंगी।
नौकरियों पर प्रभाव को लेकर चंदोक ने स्पष्ट किया कि एआई रोजगार समाप्त नहीं करेगा, बल्कि रूपांतरित करेगा। निरंतर सीखना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘आज एआई न सीखा तो कुछ भी न सीखा।’ यह बयान एआई के युग की शुरुआत का संकेत देता है।