तुलसीदास ने ‘वर्षा विगत शरद ऋतु आई, लक्ष्मण देखहु परम सुहाई’ लिखकर शरद ऋतु का वर्णन किया है। शरद ऋतु आते ही मन प्रसन्न…
Read More
तुलसीदास ने ‘वर्षा विगत शरद ऋतु आई, लक्ष्मण देखहु परम सुहाई’ लिखकर शरद ऋतु का वर्णन किया है। शरद ऋतु आते ही मन प्रसन्न…

हम लोक शक्ति ऐप को अधिक तेज़, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए अंतिम चरण की परफॉर्मेंस ऑप्टिमाइज़ेशन, सुरक्षा जाँच और प्लेटफ़ॉर्म गाइडलाइंस का पालन कर रहे हैं। बेहतर यूज़र अनुभव सुनिश्चित करने के लिए ऐप लॉन्च में थोड़ा विलंब हुआ है। आप नीचे दिया गया फ़ॉर्म भर सकते हैं—ऐप लॉन्च होते ही हम आपको सूचित करेंगे।