डूंडलोद गर्ल्स स्कूल के वार्षिकोत्सव स्पेक्ट्रा का आयोजन, 300 से अधिक छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर मंच को बना दिया मिनी इंडिया
डूंडलोद.
राजस्थान के महामहिम राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा है कि आज वक्त में युवाओं को डिग्री से ज्यादा टैलेंट की जरूरत है। स्कूलों और शिक्षकों को भी चाहिए कि वे बच्चों को टेक्स्ट बुक के अलावा भी ऐसा ज्ञान दें। जो उनके भविष्य को सुनिश्चित करने के साथ—साथ उनके बौद्धिक विकास में सहायक हो। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े रविवार शाम को बलवंतपुरा स्थित डूंडलोद गर्ल्स स्कूल के वार्षिकोत्सव स्पेक्ट्रा में छात्राओं और अभिभावकों को संबोधित कर रहे है। डूंडलोद पब्लिक स्कूल ग्रुप आफ एजुकेशन द्वारा संचालित डूंडलोद गर्ल्स स्कूल के वार्षिकोत्सव में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू, जिला कलेक्टर रामावतार मीणा, डीआईजी शरद चौधरी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बतौर विशिष्ट अतिथि हिस्सा लिया। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि विनोबा भावे ने कहा था कि जिस दिन आजादी मिली और तिरंगा लहराया। उसी दिन से हमारी पुरानी गुरूकुल वाली शिक्षा पद्धति लागू करने की जरूरत है। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। आज यह जरूरत आन पड़ी है। नई शिक्षा नीति 2020 में भी इसी बात का उल्लेख है कि हमें डिग्री के साथ—साथ टैलेंट की जरूरत है। उन्होंने जब तक भारत में गुरूकुल शिक्षा पद्धति थी। हमारे अंदर नीति थी। मूल्य थे। लेकिन मैकाले ने देश को गुलाम बनाने के लिए हमारी गुरूकुल शिक्षा पद्धति को खत्म कर दिया और अपनी शिक्षा पद्धति जान बूझकर थोप दी। स्कूल पहुंचने पर स्कूल की एनसीसी कैडेट्स ने गार्ड आफ आनर दिया। इसके बाद दीप प्रज्जवलन के साथ वार्षिकोत्सव का आगाज हुआ। स्कूल के चेयरमैन सुलतान सिंह रणवां, सचिव बीएल रणवां, निदेशक राहुल रणवां, स्कूल प्रिंसिपल इंदू सोनी, डीपीएस डूंडलोद प्रिंसिपल जी. प्रकाश, डीपीएस झुंझुनूं प्रिंसिपल डॉ. सतवीर सिंह आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर करीब 300 से अधिक स्कूली छात्राओं ने दो घंटे के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति की झलक मिनी इंडिया के रूप में मंच से देखने को मिली।
वहीं 100 से अधिक प्रतिभाशाली छात्राओं का सम्मान किया गया। इस मौके पर स्कूल सचिव बीएल रणवां ने कहा कि इस सत्र से स्कूल में डे स्कॉलर छात्राओं को भी प्रवेश दिया जाएगा। वहीं उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 की प्रशंसा करते हुए कहा कि 2047 तक हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपनें को पूरा करना है। इस मौके पर उन्होंने चिंता जाहिर कि हमने बच्चों को मशीन बना दिया है। जिससे हम ना तो अच्छे इंजीनियर दे पा रहे है और ना ही अच्छे डॉक्टर दे पा रहे है। उन्होंने बताया कि देश में हर साल 15 लाख युवा इंजीनियर बन रहे है। लेकिन उनमें से महज 1 प्रतिशत युवा ही अच्छे जॉब्स प्राप्त कर पा रहे है। क्योंकि उन्होंने डिग्री के साथ—साथ कौशल का विकास किया है। यही हाल हर फिल्ड में है। इसलिए हमें टेलेंड की ओर ध्यान देना होगा। इस दौरान करीब 300 छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इनमें देशभक्ति से जुड़ी प्रस्तुतियों ने सभी में जोश भर दिया। इस मौके पर पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार, जिला प्रमुख हर्षिनी कुलहरि, डूंडलोद शिक्षण संस्थान के सदस्य रामकुमार सिंह रणवां, महावीर हुड्डा सीकर, अनुराग आर्य, डूंडलोद चेयरमैन हरफूलसिंह पूनियां, बागोरिया की ढाणी सरपंच राजेंद्र सैनी, पंचायत समिति सदस्य रामनिवास डूडी, मेजर जयराम खीचड़, डूमरा सरपंच बुधराम आदि मौजूद थे।
जया गुर्जर स्पोटर्स स्टार, आराध्या लाल बेस्ट स्टूडेंट
कार्यक्रम में 100 से अधिक छात्राओं को शैक्षणिक और सह शैक्षणिक उपलब्धियों को लेकर सम्मानित किया गया। इनमें कक्षा आठ की छात्रा जया गुर्जर को स्पोटर्स स्टार के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा कक्षा नौ की आराध्या लाल को बेस्ट स्टूडेंट का अवार्ड मिला। इसके अलावा 100 प्रतिशत रेगुलिरटी के लिए अविहा तोमर, आराध्या लाल, हिमांशी शेखावत को, कक्षावार टॉप रैंकर्स के रूप में अविहा तोमर कक्षा दो, रक्षिता कक्षा तीन, आराध्या चौधरी कक्षा चार, हिमांशी कक्षा पांच, माही चौधरी कक्षा छह, भूमि गौरा कक्षा सात तथा ऋतिका चोटिया कक्षा आठ की टॉपर रही। वहीं प्राइमरी में अविहा तोमर तथा भूमि गौरा को मेरिट अवार्ड मिला। बेस्ट मॉनिटर का पुरस्कार प्राइमरी में दिविशा वर्मा तथा सीनियर में गिरिशा, बेस्ट बस प्रीफेक्ट प्राइमरी में ऋतुप्रणा व सीनियर में साक्षी कटारिया, बेस्ट हाउस कैप्टन के रूप में देवांशी, जाह्नवी अग्रवाल, तृषा वर्मा व आराध्या लाल, एक्सीलेंस एचीवर के रूप में स्वाति को पुरस्कृत किया गया।