
टी20 क्रिकेट आज दुनिया का सबसे रोमांचक फॉर्मेट है। लेकिन इसकी असली शुरुआत 19 सितंबर 2007 को डरबन में भारत-इंग्लैंड मैच से हुई। युवराज सिंह की ऐतिहासिक पारी ने दिखा दिया कि टी20 का भविष्य आक्रामक बल्लेबाजी का होगा।
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और 20 ओवर में 4 विकेट पर 218 रन ठोके। गौतम गंभीर (41 गेंद, 58 रन) और वीरेंद्र सहवाग (52 गेंद, 68 रन) ने पहले विकेट के लिए 14.4 ओवर में 136 रनों की साझेदारी की। लेकिन युवराज ने कमाल कर दिया। उन्होंने 16 गेंदों पर 58 रन बनाए, जिसमें 7 छक्के और 3 चौके शामिल थे। स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में लगातार 6 छक्के मारकर उन्होंने 12 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया – यह पूर्ण सदस्य देशों के बीच सबसे तेज टी20 अर्धशतक है, जो आज भी कायम है।
इंग्लैंड ने 200/6 बनाए लेकिन 18 रन से हार गए। इस मैच ने साबित किया कि टी20 में कोई स्कोर सुरक्षित नहीं।
2026 टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में गुरुवार को भारत-इंग्लैंड फिर भिड़ेंगे। फिन एलन जैसे बल्लेबाज 33 गेंदों में शतक ठोक रहे हैं। 250+ स्कोर आम हैं। 2007 का वह मैच आज के टी20 का आधार बना। क्रिकेटप्रेमी इस रोमांच का इंतजार कर रहे हैं।