
विनोद कांबली की कहानी हमें याद दिलाती है कि अगर शोहरत को ठीक से संभाला न जाए तो क्या होता है। एक समय था जब उनकी तुलना सचिन तेंदुलकर से की जाती थी, लेकिन उनका करियर भटकावों के कारण आगे नहीं बढ़ पाया। हाल ही में, कांबली को रमाकांत आचरेकर मेमोरियल में देखा गया, जहां उनकी हालत ठीक नहीं लग रही थी। इसके बाद उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। युवराज सिंह के पिता और पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज योगराज सिंह ने खुलासा किया कि उन्होंने विनोद कांबली को चेतावनी दी थी और उन्हें रुकने के लिए कहा था। उन्होंने कांबली से विनम्र रहने का आग्रह किया, लेकिन उनकी सलाह बेकार गई और इसका परिणाम अंततः एक बड़ा पतन हुआ, जिसका खामियाजा आज भी कांबली भुगत रहे हैं।
