
भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक नया अध्याय जुड़ गया जब विदर्भ ने 2025-26 सत्र की विजय हजारे ट्रॉफी पर पहली बार कब्जा जमाया। रविवार को खेले गए फाइनल में सौराष्ट्र को हराकर विदर्भ ने इतिहास रच दिया। इस लिस्ट ए टूर्नामेंट में टीम की सफलता के पीछे पांच खिलाड़ियों का हाथ रहा, जिनमें तीन बल्लेबाज और दो गेंदबाज शामिल हैं। इनके दमदार प्रदर्शन ने विदर्भ को शिखर तक पहुंचाया।
फाइनल में सलामी बल्लेबाज अथर्व तायडे की शतकीय पारी ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। लेकिन पूरे टूर्नामेंट में अमन रवींद्र मोखड़े ने कमाल किया। इस दाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज ने 10 पारियों में 814 रन ठोके, जिसमें पांच शतक और एक अर्धशतक शामिल हैं। उनका औसत 90.44 रहा, जबकि सर्वोच्च स्कोर 150*。
ध्रुव शौरी ने नौ पारियों में 515 रन बनाए, दो शतकों और एक अर्धशतक के साथ। औसत 73.57 और बेस्ट 136 रन। वे टूर्नामेंट के आठवें सबसे सफल बल्लेबाज रहे।
आर समर्थ ने 10 मैचों की आठ पारियों में 452 रन जड़े, एक शतक और तीन अर्धशतकों की बदौलत।
गेंदबाजी में यश ठाकुर ने नौ मैचों में 19 विकेट लिए, फाइनल में 4/50 का कमाल किया। वे चौथे सबसे सफल गेंदबाज रहे। नचिकेत भूते ने 18 विकेट हासिल किए। इन पांच सितारों ने विदर्भ को पहली ट्रॉफी दिलाई, जो घरेलू क्रिकेट की नई उम्मीद जगाती है।