
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में गुरुवार को भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल मुकाबला होगा। इस रोमांचक भिड़ंत में भारतीय रहस्यमयी लेग स्पिनर वरुण चक्रवर्ती केंद्र में हैं। सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ 12 ओवर में 122 रन खर्च करने के बावजूद उन्होंने टूर्नामेंट में 7 मैचों से 12 विकेट हासिल किए हैं।
गेंदबाजी कोच मोर्ने मॉर्केल ने वरुण पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि वरुण हर गेंद से विकेट लेने की काबिलियत रखते हैं और मैच का पासा पलट सकते हैं। उनकी मेहनत गजब की है—अभ्यास में सबसे पहले आते हैं और देर तक नेट पर पसीना बहाते हैं।
वरुण का स्वभाव भी अनोखा है। सफलता में नाचगाना नहीं, असफलता में बुरा मानना नहीं। वे खुद की कड़ी आलोचना करते हैं और सुधार की राह पर चलते रहते हैं। टीम को बस उनके एक धमाकेदार ओवर की दरकार है।
इंग्लैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड लाजवाब है—5 मैच, 14 विकेट, सर्वश्रेष्ठ 5/24। वानखेड़े की पिच पर उनका जादू इंग्लिश बल्लेबाजों को परेशान कर सकता है। सुपर-8 में महंगे साबित होने के बावजूद वरुण प्लेइंग इलेवन में निश्चित हैं। भारत की स्पिन विरोधी कमजोरी के बीच उनका प्रदर्शन निर्णायक साबित हो सकता है। सेमीफाइनल में वरुण का कमबैक भारत को फाइनल की दहलीज पर पहुंचा सकता है।