
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। सिडनी में 4 जनवरी से शुरू हो रही एशेज सीरीज का पांचवां टेस्ट उनका आखिरी मुकाबला होगा। शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ख्वाजा ने अपने शानदार 15 साल के करियर का अंत करने की बात कही। पाकिस्तान मूल के इस खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में कमाल दिखाया, लेकिन उनकी असली पहचान टेस्ट क्रिकेट के धाकड़ ओपनर के रूप में बनी।
उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया की ओर से खेलने वाले पहले पाकिस्तानी मूल और पहले मुस्लिम क्रिकेटर हैं। वे देश में डे-नाइट टेस्ट में शतक ठोकने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बने। टेस्ट में दोहरा शतक जड़ने वाले वे डॉन ब्रैडमैन के बाद सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। श्रीलंका में टेस्ट दोहरा शतक लगाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई भी ख्वाजा ही हैं। भारत में एक पारी में सबसे ज्यादा गेंदें खेलने का रिकॉर्ड उनके नाम है- 2023 अहमदाबाद टेस्ट में 422 गेंदों पर 180 रन। इन रिकॉर्ड्स से युवा क्रिकेटर प्रेरित होंगे।
ख्वाजा की जर्नी प्रेरणादायक रही। पाकिस्तान से ऑस्ट्रेलिया आकर मजबूत टीम में जगह बनाना आसान नहीं था। वे 7 बार टीम से बाहर हुए, लेकिन हर बार जबरदस्त वापसी की। 2011 में टेस्ट और 2013 में वनडे डेब्यू करने वाले ख्वाजा ने 87 टेस्ट में 157 पारियों से 43.39 औसत पर 16 शतक, 28 अर्धशतक सहित 6206 रन बनाए। सर्वश्रेष्ठ स्कोर 232। 40 वनडे में 1554 रन (2 शतक, 12 अर्धशतक) और 9 टी20 में 241 रन उनके नाम हैं। सिडनी टेस्ट के साथ उनका सफर समाप्त होगा, जो क्रिकेटप्रेमियों के लिए यादगार रहेगा।



