
टी20 विश्व कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में तिलक वर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को चकित कर दिया। छठे नंबर पर उतरते हुए मात्र 16 गेंदों में 4 छक्के और 3 चौके जड़कर नाबाद 44 रन ठोक दिए। इसी पारी ने भारत को 256 का मजबूत स्कोर दिलाया।
इससे पहले तिलक अपनी धीमी स्कोरिंग के कारण आलोचकों के निशाने पर थे। लेकिन इस पारी ने न सिर्फ आलोचना को विराम दिया, बल्कि टीम प्रबंधन का विश्वास भी मजबूत किया।
मैच के बाद तिलक ने अपनी सोच साझा की। उन्होंने कहा कि सलामी बल्लेबाजों की शानदार शुरुआत से निचले क्रम को आत्मविश्वास मिलता है। संजू सैमसन ने जबरदस्त ओपनिंग की, जिसके बाद सबने आक्रामकता बरकरार रखी। पावरप्ले में विकेट गिरने के बावजूद हमने हमला जारी रखा ताकि विपक्षी गेंदबाजों में डर बैठे।
टीम ने मैच से ठीक पहले सकारात्मक मानसिकता पर चर्चा की। पिछले साल के टी20 मैचों के वीडियो देखे और पूरी ताकत झोंकने का फैसला लिया।
बल्लेबाजी क्रम पर तिलक बोले, टीम की जरूरत के मुताबिक खेलने को तैयार। मुंबई इंडियंस और भारतीय टीम में भी ऐसा रोल निभा चुके हैं। विकेट गिरते ही अगली गेंद पर बड़े शॉट्स मारना उनका मकसद रहता है।
अगले मैचों में भी वही अंदाज जारी रखेंगे और 250 से ऊपर स्कोर बनाने की कोशिश करेंगे। तिलक की यह पारी भारत की बल्लेबाजी की गहराई को रेखांकित करती है।