
टी20 विश्व कप 2026 की शानदार शुरुआत ने सभी को चौंका दिया है। जहां बड़े देशों की टीमों को आसान जीत की उम्मीद थी, वहां छोटी टीमें बेहद करीबी मुकाबलों में जोरदार चुनौती दे रही हैं। यह टूर्नामेंट टी20 क्रिकेट की अनिश्चितता को पूरी तरह उजागर कर रहा है।
20 टीमों का यह मेगा इवेंट क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। आलोचक कम टीमों की वकालत करते हैं, लेकिन इन मैचों ने साबित किया कि विविधता ही असली रोमांच लाती है।
ग्रुप्स में मजबूत और कमजोर टीमों का मिश्रण देखिए। ग्रुप ए में भारत के साथ नामीबिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका। बी में ऑस्ट्रेलिया-श्रीलंका के मुकाबले जिम्बाब्वे, ओमान, आयरलैंड। सी में इंग्लैंड-वेस्टइंडीज बनाम इटली, नेपाल, स्कॉटलैंड। डी में न्यूजीलैंड-दक्षिण अफ्रीका के सामने अफगानिस्तान, यूएई, कनाडा।
पाकिस्तान को नीदरलैंड्स के खिलाफ पसीना बहाना पड़ा। 147 रन का पीछा करते हुए वे हिले-डुले।
भारत-अमेरिका मैच में 77/6 पर संकट, लेकिन सूर्यकुमार के 84 रनों ने स्थिति संभाली।
अफगानिस्तान ने न्यूजीलैंड को 182/6 से दबाव में डाला। नेपाल ने इंग्लैंड को अंतिम ओवर तक टिकाए रखा।
छोटी टीमें अब सिर्फ खेल नहीं रही, प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। आगे उलटफेर तय हैं।