
हुबली के केएससीए स्टेडियम में मंगलवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना जब कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन ने सुनील जोशी पवेलियन का उद्घाटन किया। यह सम्मान भारत के पूर्व लेफ्ट-आर्म स्पिनर को उनके शानदार करियर के लिए दिया गया, जिन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट को समृद्ध किया।
रणजी ट्रॉफी फाइनल में जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक के बीच मुकाबले के दौरान बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास तथा केएससीए प्रमुख वेंकटेश प्रसाद ने संयुक्त रूप से पवेलियन का लोकार्पण किया। यह कर्नाटक के आठ बार के चैंपियन होने का प्रतीक भी है।
सुनील जोशी अपनी पत्नी रवनीत के साथ मौजूद थे और समारोह के दौरान भावुक दिखे। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की उपस्थिति ने आयोजन को और महत्वपूर्ण बना दिया।
पत्रकारों से बातचीत में जोशी ने कहा, ‘मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि मेरा नाम किसी पवेलियन पर होगा। केएससीए अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद और सिंतोश मेनन का आभार। वर्षों की मेहनत का यह फल है।’
1996 से 2001 तक जोशी ने 15 टेस्ट में 41 विकेट लिये और 352 रन बनाये, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है। 69 वनडे में 69 विकेट व 584 रन। फर्स्ट क्लास में 160 मैचों से 615 विकेट व 5129 रन, लिस्ट-ए में 163 मैचों से 192 विकेट व 1729 रन।
वे दो वर्ष चीफ सिलेक्टर रहे, जिसमें 2020/21 ऑस्ट्रेलिया सीरीज जीत शामिल। 2023-2025 तक आईपीएल में पंजाब किंग्स के स्पिन कोच। वर्तमान में बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में स्पिन कोच हैं, जहां अंडर-19 विश्व कप जीत उनकी कोचिंग का कमाल है।
यह पवेलियन जोशी के योगदान को अमर बनाता है, जो भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।