
तिरुवनंतपुरम। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संजू सैमसन की शानदार पारियों ने भारत को चैंपियन बनाया। अंतिम तीन मैचों में उनकी भूमिका निर्णायक रही और उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। पिता सैमसन विश्वनाथ ने बेटे की सफलता पर गर्व जताया, लेकिन शुरुआती संघर्षों का जिक्र भी किया।
दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल रहे विश्वनाथ ने कहा, ‘बेटे के प्रदर्शन से बहुत खुशी हुई। लोगों ने उसे खूब तंग किया। उम्मीद है अब कुछ दिनों तक ऐसा न हो।’ उन्होंने बताया कि दिल्ली में संजू ने शानदार 500 रन बनाए, फिर भी अंडर-13 टीम में जगह नहीं मिली। बहाना उम्र का बना।
‘अगर उम्र समस्या थी तो सचिन 15 साल के थे, मेसी 17 के।’ नाराजगी में उन्होंने नौकरी छोड़कर केरल लौटने का फैसला लिया। पत्नी ने सवाल उठाए, लेकिन विश्वनाथ अडिग रहे। ’10 साल की उम्र में जो चमक दिखी, 17 में शायद न दिखे। केरल में सफलता मिलेगी।’
केरल ने संजू को अपनाया। जूनियर स्तर पर धमाल मचाया और अब विश्व कप विजेता। विश्वनाथ बोले, ‘अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिलना चाहिए। कुछ लोगों ने माफी मांगी, सब भूल गया। अब सब बेहतरीन है।’
यह कहानी संघर्ष और विश्वास की मिसाल है। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा।