
24 फरवरी 2010 को ग्वालियर के कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम में क्रिकेट का इतिहास रचा गया। सचिन तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे में पहली बार दोहरा शतक जड़ा। 147 गेंदों पर नाबाद 200 रन—25 चौके और 3 छक्के—इस पारी ने सीमित ओवर क्रिकेट की परिभाषा बदल दी।
पहले वनडे में 1 रन से जीत के बाद भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की। सहवाग (9) जल्दी आउट हुए, लेकिन तेंदुलकर-कार्तिक की 194 रनों की साझेदारी ने आधार मजबूत किया। कार्तिक ने 79 रन ठोके। फिर यूसुफ पठान (36) के साथ 81 और धोनी (68*) के साथ 101 रन जोड़कर भारत 401/3 पर पहुंचा।
दक्षिण अफ्रीका 42.5 ओवर में 248 पर सिमट गया। डी विलियर्स के 114 रनों के बावजूद श्रीसंत (3/49), नेहरा, जडेजा, पठान (2-2 विकेट) ने भारत को 153 रन से जिताया।
इस पारी ने बल्लेबाजों को नई प्रेरणा दी। पुरुष वनडे में अब 12 दोहरे शतक हो चुके हैं। 24 फरवरी वह दिन है जब तेंदुलकर ने वनडे की ऊंचाइयों को नया आयाम दिया।