
भारतीय क्रिकेट के आकाश में ऋतुराज गायकवाड़ एक चमकते सितारे के रूप में उभरे हैं, लेकिन राष्ट्रीय टीम में उनकी जगह पक्की नहीं हो पाई है। पुणे में 31 जनवरी 1997 को जन्मे इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने पांच साल की उम्र से क्रिकेट संभाला। ग्यारह साल की आयु में वेंगसरकर अकादमी ने उनके टैलेंट को निखारा, जिससे महाराष्ट्र की अंडर-14, 16 और 19 टीमों में उन्होंने धूम मचाई।
घरेलू क्रिकेट में लगातार रन जुटाने पर सीएसके ने 2018 में 20 लाख में खरीदा। 2019 में चोट ने रोका, लेकिन 2020 में छह मैचों में तीन अर्धशतकों से 204 रन बनाकर एमएस धोनी का भरोसा जीता। 2021 से नियमित ओपनर बने, जहां 16 पारियों में शतक व चार अर्धशतक से 635 रन ठोके, टीम को चैंपियन बनाया। फिर 368 (2022), 590 (2023), 583 (2024) और 2025 के पांच मैचों में 122 रन। 18 करोड़ के मेहंगे खिलाड़ी व 2024 में कप्तान भी रहे।
अंतरराष्ट्रीय पटल पर संघर्ष। 2021 में टी20 और 2022 में वनडे डेब्यू, टेस्ट का इंतजार। नौ वनडे की आठ पारियों में शतक-अर्धशतक से 228 रन, 23 टी20 की 20 में शतक-चार अर्धशतक से 633 रन। कप्तानी में एशियाई खेलों का सोना, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक के बाद न्यूजीलैंड सीरीज से बाहर। चयन इंजरी पर निर्भर।
घरेलू मैदान पर जोश। महाराष्ट्र के लिए 44 प्रथम श्रेणी में 74 पारियों से नौ शतक-17 अर्धशतक के साथ 3212 रन। 99 लिस्ट ए में 20 शतक-19 अर्धशतक से 5060 रन, सर्वोच्च नाबाद 220। कप्तान के रूप में तीनों फॉर्मेट में कमाल। आईपीएल व घरेलू सफलता के बावजूद भारतीय टीम में स्थायी जगह का इंतजार जारी है।