
नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप स्टेज में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर ओवर में मिली करारी हार अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान को अब भी सता रही है। वह मुकाबला उनके कब्जे में था, फिर भी जीत हाथ न आई।
अरुण जेटली स्टेडियम में यूएई के साथ होने वाले मुकाबले से पहले राशिद ने पत्रकारों से खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यह हार भूलना बेहद कठिन है। 2023 वर्ल्ड कप में वानखेड़े स्टेडियम पर ऑस्ट्रेलिया से हारने का दर्द भी इसी तरह लंबे समय तक बना रहा, जब तक 2024 टी20 विश्व कप में उन पर जीत न मिली।
राशिद ने निराशा जताई कि डेढ़ साल की कड़ी मेहनत के बावजूद यह नतीजा आया। लेकिन उन्होंने सकारात्मक पक्ष पर जोर दिया। सही मानसिकता और प्रयास से न केवल आगामी मैच बल्कि पूरे करियर को बल मिलेगा।
न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका से लगातार हार के बाद अफगानिस्तान टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर है। राशिद ने इसका कारण बताया कि ऐसी मजबूत टीमों से नियमित भिड़ंत न होने से दबाव में कमजोरी दिखती है। यदि ज्यादा टी20 मैच खेले जाते तो दुश्मन की कमजोरियां पकड़ में आ जातीं।
विश्व कप का दबाव अनोखा है। चार दिनों में दो हार और सफर समाप्त। मानसिक व शारीरिक रूप से फुल फिट रहना जरूरी, वरना छोटी भूल महंगी पड़ जाती।
न्यूजीलैंड ने आक्रामक रवैया अपनाया था। पहले सीरीज खेली होती तो उनका प्लान समझ आ जाता। राशिद का मानना है कि टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया, बस थोड़ी बदकिस्मती आई। सुपर ओवर तक पहुंचना मेहनत का प्रमाण है।
अफगानिस्तान को यूएई (16 फरवरी) और कनाडा (19 फरवरी) से भिड़ना है। ये मैच करिश्माई वापसी के लिए अहम होंगे।