
पाकिस्तान की पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ियों ने वेतन विवाद के समाधान के बाद एफआईएच हॉकी मेन्स प्रो-लीग के दूसरे चरण में भाग लेने का फैसला किया है। लगभग दो सप्ताह तक चले विरोध प्रदर्शन और प्रशिक्षण शिविर बहिष्कार से उत्पन्न संकट अब टल चुका है। गुरुवार को जारी रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है।
पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (पीएचएफ) के सचिव राणा मुजाहिद ने इस्लामाबाद में खिलाड़ियों से बातचीत की और ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट में फरवरी के मैचों के लिए प्रतिदिन 114 डॉलर (करीब 30,000 पाकिस्तानी रुपये) भत्ते का भरोसा दिलाया। पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड ने प्रो-लीग के लिए पीएचएफ को 25 करोड़ रुपये जारी किए थे।
पिछले साल दिसंबर के पहले चरण में भुगतान में देरी पर बोर्ड ने नाराजगी जताई थी और सभी बकायों का भुगतान एक सप्ताह में करने का आदेश दिया था। एक खिलाड़ी ने बताया कि यह सहमति सिर्फ दूसरे चरण तक सीमित है, पुराने बकायों पर कोई पक्का वादा नहीं। उन्होंने कहा, ‘हमने दौरे को बचाने के लिए बहुत संघर्ष किया, लेकिन पीएचएफ नहीं मानी। हॉकी हमारा पेशा है, यह स्थिति दुखद है।’
स्पोर्ट्स बोर्ड के हस्तक्षेप से आश्वासन मिला। उम्मीद है ऑस्ट्रेलिया में परेशानी न हो। पाकिस्तान का शेड्यूल: ऑस्ट्रेलिया से 10-13 फरवरी, जर्मनी से 11-14 फरवरी।
नेशंस कप में दूसरे स्थान के बाद न्यूजीलैंड के हटने से प्रो-लीग में जगह मिली। पहले चरण में चारों मैच हारे: नीदरलैंड्स से 7-3, 5-2; अर्जेंटीना से 5-1, 3-2। चार विश्व चैंपियनशिप और तीन ओलंपिक स्वर्ण जीतने वाली टीम 2012 के बाद ओलंपिक से बाहर है। यह समझौता टीम के लिए राहत है।