
भारतीय महिला हॉकी टीम की सफलता में नवनीत कौर का योगदान अविस्मरणीय है। हरियाणा के शाहाबाद में 26 अगस्त 1995 को जन्मीं नवनीत ने खेल के प्रति अपनी दीवानगी को कड़ी मेहनत से परिपक्व बनाया। शाहाबाद, जो महिला हॉकी का गढ़ माना जाता है, ने उन्हें प्रेरित किया और जल्द ही वे राष्ट्रीय स्तर पर छाईं।
2014 से भारतीय टीम का अभिन्न अंग बनीं नवनीत एक आक्रामक फॉरवर्ड के रूप में जानी जाती हैं। उनकी गति, लचीलापन और सटीकता ने 201 मैचों में 62 गोल करवाए। 2017 के एशिया कप में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। इसके बाद 2018 एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में रजत, एशियाई खेलों में ऐतिहासिक रजत, टोक्यो ओलंपिक में चौथा स्थान, 2019 एफआईएच फाइनल में स्वर्ण और 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य जैसे उपलब्धियां हासिल कीं।
मई 2024 में उपकप्तान बनीं नवनीत भारतीय रेलवे में नौकरी करती हैं। उनका भविष्य उज्ज्वल है और वे टीम को ओलंपिक स्वर्ण तक ले जाने में अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं। नवनीत की कहानी हर युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है।