
नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में गुरुवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 18वां मैच भारत और नामीबिया के बीच होने वाला है। इस रोमांचक भिड़ंत से ठीक पहले नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरासमस ने अपनी टीम के अभ्यास कार्यक्रम पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि टीम को स्टेडियम में फ्लडलाइट्स के नीचे प्रैक्टिस का मौका ही नहीं मिला।
मंगलवार को सुबह के मैच में नीदरलैंड्स के हाथों सात विकेट से हारने के बाद कोच क्रेग विलियम्स ने डे-नाइट मुकाबले की तैयारी के लिए शाम के सेशन की योजना बताई थी। लेकिन बुधवार को नामीबिया को सिर्फ दोपहर का स्लॉट दिया गया, जबकि भारत ने मैच से पहले दोनो दिन शाम को ट्रेनिंग की। कनाडा को भी शुक्रवार के यूएई मैच से पहले बुधवार शाम अभ्यास का अवसर मिला।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में इरासमस ने कहा, ‘नामीबिया में नाइट या डे-नाइट मैच नहीं होते। इंफ्रास्ट्रक्चर हमारी सबसे बड़ी समस्या है। नेपाल प्रीमियर लीग या आईएलटी20 खेलने वालों को छोड़ दें, तो ज्यादातर खिलाड़ी लाइट्स में अनुभवी नहीं। हमें नाइट ट्रेनिंग नहीं दी गई, भारत को दो बार और कनाडा को एक बार मिली। जो समझना हो समझ लें… हम नामीबियाई अंदाज में लड़ेंगे।’
उन्होंने युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि 40,000 दर्शकों के बीच भारत का सामना करने का मौका गंवाना नहीं चाहिए। यह अनुभव उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। इरासमस ने स्वीकार किया कि विरोधी दिग्गजों से डरना व्यर्थ है।
कप्तान बोले, ‘यह बड़ा मौका है। हम इन खिलाड़ियों को आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीवी पर देखते हैं। लेकिन 40,000 शोरगुल करने वाली भीड़ और लाइट्स में खेलना युवाओं के लिए शानदार अनुभव होगा।’ नामीबिया कमजोर कड़ी लग रही है, लेकिन उनकी जुझारू भावना मैच का रोचक मोड़ ला सकती है।